Hindu New Year-festival 2019 Hindi Me

samanya gyan 263

Hindu New Year-festival 2019- के बारे मे एक बिशेष जानकारी

नमस्कार दोस्तो , स्वागत है आपका मेरे इस ब्लॉग clickurl पर। आज मै आपको लिए एक अति बिशेष topic लेकर आया हूँ जिसका संबंध धर्म , सांस्कृतिक , और उसके बिभिन्न परिभाषाओ के साथ समर्पित है। आज मै आप लोगो को Hindu New Year-festival 2019 के बारे मे बताऊंगा जो अपने आप मे एक अति बिशेष है।

हरेक बर्ष आप अपने पुराने कलेंडर को हटाकर नय calendar के नय पन्नो को पलटते है। और नए पन्नो के साथ नए अवसर और नयी आशाओ के साथ अपने जीवन की उन्नति और प्रगति के लिए नयी रास्ते की तलाश मे लग जाते है।

संसार मे हरेक जाती , हरेक धर्म के अपनी अपनी प्रमुख बिशेषतए है जिनमे से एक hindu nav barsh ( हिन्दू नव बर्ष ) भी एक है जैसे किसी किताब के पन्नो को पलटते है और एक नए अध्याय को पढ़ते है ठीक वैसे ही बर्ष भी एक अध्याय के समान ही है जो बिभिन्न उत्साहजनक पन्नो के साथ हमारे जीवन को अपने सपने सच करने के लिए उत्साहित करते है।

Hindu New Year-festival 2019 के संदर्व मे मै आपको कुछ रोचक जानकारी प्रदान करने की कोशिश कर रहा हूँ आशा करता हु की आपको पसंद आएगी।

किसी किताब के सादे पन्नो के जैसे हमारे जीवन के अमूल्य छण जहां अच्छे और बुरे अनुभव के साथ साथ हमारे जीवन के इस किताब के सादे पन्ने भी भरते जाते है।

कब सुरू हुआ Hindu New Year-festival 2019

हिन्दू संस्कृति और इसकी परंपरा का अपना एक अलग महत्व है। हिन्दू संस्कृति संसार की सबसे सबसे पुरानी संस्कृति है। हिन्दू धर्म मे इसका बिशेष महत्व है। हिन्दू नव बर्ष संसार का सबसे पहला नव बर्ष है क्यो की हिन्दू धर्म संसार का सबसे पुराना और प्राचीन धर्म है जहां से इस संसार की सृस्टि की रचना हुई।

आजके युग मे अंग्रेजी calendar के कारण भारतीय समाज और भारतीय संस्कृति मे ज्यादा प्रभाव है लेकिन आपको यह भी बता दे कि अंग्रेजी कलेंडर के प्रभाव के बाबजूद भी आपके घर पर कोई पुजा हो , शादी लगायत के कोई भी मांगलिक कार्य होता है तो हिन्दू धर्म के अनुसार hindu calendar के अनुसार ही उस मांगलिक कार्य को किया जाता है।

हिन्दू धर्म को सनातन धर्म भी कहा जाता है । सनातन जिसका अर्थ होता है जो सदा से था हमेशा से था जब से इस संसार की रचना हुई तब से। किसी एक दिन बना नहीं है हिन्दू धर्म। चाहे भारत के लोग हो या कोई बिदेशी सब इस बात को मानते है कि सबसे पुराना धर्म है हिन्दू धर्म। वैदिक धर्म , सनातन धर्म।

Hindu New Year-festival 2019

वैदिक पुराण के अनुसार

वैदिक पुराण यानि वेद – क्या आप जानते है जिस तरह हिन्दू का पवित्र ग्रंथ भगवत गीता है उसी तरह वेद हिन्दू धर्म के आधार स्तम्भ है जो संसार का प्रथम धर्म ग्रंथ है। सामान्य भाषा मे वेद का अर्थ होता है ज्ञान। वेद मे अथाह ज्ञान का भंडार है। वेदो मे ब्रह्मांड , ज्योतिष , गणित , औसधी , रसायन , खगोल , भूगोल ,प्रकृतिक धार्मिक नियम ,रीति रिवाज आदि सभी बिषय से संबन्धित ज्ञान से भरा पड़ा है।

विक्रम संवत स्थापना Hindu New Year 2019-festival

विक्रम संवत संसार की सबसे प्राचीन संवत माना जाता है। प्राचीन काल मे नय राज्य चलाने के लिए विजयी राजा को अपने राज्य के सभी लोगो को ऋण मुक्त करना आवस्येक होता था।

इसी तरह उस समय के राजा विक्रमादित्य ने अपने राज्य के सभी नागरिकों का अपने राज्य कोश से कर चुकाया। इसके पश्चात चैत्र मास को सुक्ल पद की प्रतिपदा से नया सम्बवत चलाया जो आज विक्रमी संवत के रूप मे संसार मे प्रसिद्ध है और इसे हिन्दू धर्म के हर मान्यताओ का अधिकार है।

चैत्र नवरात्रो का प्रारम्भ भी इसी पुण्य तिथि से होता है । विक्रम संवत मे महीनो के नाम , तिथि तथा अंश सूर्य और चन्द्र की गति पर आश्रित है। भारत के संस्कृत इतिहास के दृष्टि से Hindu New Year-festival विक्रम संवत ही सबसे लोकप्रिए राष्ट्रिय संवत है।

हिन्दू पुराण मे Hindu New Year-festival 2019 महत्व

पुराणों के अनुसार चैत्र मास की सुक्लपद की प्रतिपदा को भगवान ब्रह्मा ने संसार की श्रीस्टी ( रचना ) की थी इसलिए इस पावन संवत को नव संवत के रूप मे भी मनाया जाता है। बिडम्बना यह है की आज भारतीय और हिन्दू इस महान हिन्दू विक्रम संवत की महीनो की काल गणना से लोग अनभिज्ञ होते जा रहे है लेकिन वास्तविकता यही है की देश की सांस्कृतिक पर्व , उत्सव, रामनवमी ,बुढ्पूर्णिमा ,कृष्ण जन्मस्ठ्मि , महावीर जयंती , होली, दिवाली ,बिवाह मुहूर्त ,मुंडन , अनुष्ठान , श्राद तर्पण और किसी भी सामाजिक कार्यो का अनूसठान हिन्दू पंचांग जो विक्रम संवत के अनुसार ही किया जाता है।

hindu calendar months

  • बैसाख
  • ज़्येस्ठ
  • असाढ़
  • स्रावण
  • भादों
  • अस्विन
  • कार्तिक
  • मार्गशीस
  • पौस
  • माघ
  • फागुन
  • चैत्र

संसार के 2 मात्र ऐसे देश भारत और नेपाल है जहां पर हिन्दू धर्म को राष्ट्रिय धर्म का पहचान मिला हुआ है ऐसे मे हिन्दू धर्म की संस्कृति अस्तित्व धीरे धीरे कमजोर होता जा रहा है । हिन्दू धर्म हिन्दू पंचांग और इसकी बिशेसता और इसके महत्व को समझना हर हिन्दू का परम कर्तव्य है।

Hindu New Year-festival 2019 – वैसाखी

क्यो मनाया जाता है बैसाखी पर्व – 13 अप्रैल बैसाखी का पर्व बड़े हर्ष और उल्लास के साथ मनाया जाता है खास कर भारत के पंजाब मे इस पर्व बिशेस रूप से मनाया जाता है। 13 अप्रैल का यह दिन सीख समुदाय के लोगो के लिए खास होता है इसका मुख्य कारण यह है कि खेतो मे रबी कि फसल , और किसानो की अपनी अच्छी फसल की खुशी और इसको एक दूसरे के सम्मुख व्यक्त करने के लिए इस पर्व को मनय जाता है।

Hindu New Year-festival 2019 मेष सक्रांति

हिन्दू calendar के नया साल का सुरू के इस दिन को बैसाख मेष सक्रांति भी कहा जाता है।

12 राशियो के आधार पे 12 महीनो का निर्धारण किया गया है । बैसाख यानि साल का प्रथम महिना और इन्ही महीनो मे प्रथम दिन अर्थात 12 राशि मध्य प्रथम राशि मेष राशि की सक्रांति।

समस्त सक्रांति मे मेष सक्रांति सबसे रंगीन सक्रांति है । हिन्दू धर्म मे भी इसका बिशेष महत्व है।

हिन्दू धर्म ,हिन्दू पुराण , हिन्दी साहित्य और इसकी बिभिन्न धारणाओ के बारे मे सबके अलग अलग बिचार हो सकते है। परंतु यहा पर समझने वाली बात यह है कि हिन्दू संस्कृती और इसकी बिचरधारा सर्वगुण सम्पन्न सबका हित चाहने वाला एक ऐसा पुराना संस्कृती है जिसके आधार पर आज भी बड़े बड़े विद्वान अपने बिस्लेषण करते है।

अंततः मेरी ओर से आप सभी लोगो को Hindu New Year-festival 2019 ( 2076 ) की हार्दिक मंगलमय सुभकामना ।

आपको मेरा यह लेख कैसा लगा comment मे अवस्य बताए।

Hindu New Year-festival 2019 के इस लेख को पढ़ने के लिए आपका बहुत बहुत धन्यबाद।

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2 Comments

  1. great post, thanks for sharing

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